5 Easy Facts About Shabar mantra: Described
श्री शुक्ले महा-शुक्ले कमल-दल-निवासे श्री महा-लक्ष्मी नमो नम:। लक्ष्मी माई सत्त की सवाई। आओ, चेतो, करो भलाई। ना करो, तो सात समुद्रों की दुहाई। ऋद्धि-सिद्धि खावोगी, तो नौ नाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई।।
वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।
ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें।
धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष
ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष।
मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।
क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता click here है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.
साधना रात्रि के शान्त वातावरण में करें।
वेदोंशास्त्रसप्त ऋषिसप्त चिरंजीवीसप्त नदियाँधामज्योतिर्लिंगकुंभ स्थलशक्तिपीठ
शाबर मंत्रों का सही तरीके से जप करना आवश्यक है ताकि उनकी शक्ति को पूरी तरह से महसूस किया जा सके। नीचे शाबर मंत्र जप के नियम विस्तार से बताए गए हैं।
सामग्री का चयन और उपयोग:- मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें।
साधना काल में शुद्ध देशी घी का अखण्ड दीपक जलायें।
साधना के लिए एकांत और शुद्ध स्थान का उपयोग करें।